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एक मुस्कुराहट ।

एक मुस्कुराहट

 मुस्कुराकर जीना तो हमने भी चाहा,

 पर अफसोस मेरी कांच सी मुस्कुराहट और उनके पत्थर से शब्द...

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मन के भीतर।

कहे बुरा मैनू तू तू भी कभी मन में झांक, जो झांका तूने मन में दिखा तुझे एक शैतान , ओड़े जो चोला शराफत का और मुंह से कहे हु मैं इंसान ।